विश्व कौशल एशिया 2025 में भारत को पहली बार में 8वीं रैंक
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भारत ने पहली बार भाग लेते हुए विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता 2025 में 29 देशों के बीच 8वीं रैंक हासिल कर वैश्विक स्किल प्लेटफ़ॉर्म पर नया मानक बनाया।
भारतीय टीम ने 1 रजत, 2 कांस्य और 3 उत्कृष्टता पदक जीतकर तकनीकी, डिज़ाइन और डिजिटल कौशल में बढ़ती वैश्विक दक्षता का प्रदर्शन किया।
भारतीय महिला प्रतिभागियों ने उच्च स्कोर हासिल करते हुए पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम में नई नेतृत्व भूमिका दर्शाई।
नई दिल्ली / भारत ने विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता (WorldSkills Asia Competition– WSAC) 2025 में पहली ही भागीदारी में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 29 देशों के बीच शानदार 8वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने इस प्रतिष्ठित कॉन्टिनेंटल प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा लिया और उभरते, तकनीकी और उच्च-डिमांड वाले कौशल क्षेत्रों में प्रभावशाली प्रदर्शन दर्ज कराया।
इस प्रतियोगिता में भारत की टीम कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के नेतृत्व में NSDC और विभिन्न तकनीकी भागीदारों के सहयोग से तैयार की गई थी। भारतीय दल में 23 प्रतिभागी और 21 विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने 21 कौशल श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा की।
भारत ने कुल 6 पदक हासिल किए 1 रजत, 2 कांस्य और 3 उत्कृष्टता पदक। यह न केवल भारत की प्रतिभा क्षमता का प्रमाण है बल्कि वैश्विक कौशल प्रतियोगिताओं में बढ़ती भारतीय मौजूदगी को भी दर्शाता है।
भारत का पदक प्रदर्शन
रजत पदक
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पेंटिंग और डेकोरेटिंग – मुस्कान
कांस्य पदक
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इंडस्ट्रियल डिज़ाइन टेक्नोलॉजी – कोमल पांडा
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रोबोट सिस्टम इंटीग्रेशन – शिवम सिंह और दिनेश आर
उत्कृष्टता पदक
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बिज़नेस के लिए सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन डेवलपमेंट – मोहम्मद मफ़ाज़ पी.आर.
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वेब टेक्नोलॉजी – आदित्य नंदन
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इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन – धनुष एम.जी.
प्रतियोगिता में भारतीय महिला प्रतिभागियों का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने न केवल पदक जीतकर तालिका में योगदान दिया, बल्कि कई पारंपरिक और तकनीकी कौशल श्रेणियों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करते हुए नई मिसाल कायम की।
सरकार की प्रतिक्रिया
कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा:
“विश्व कौशल एशिया 2025 में भारत का प्रदर्शन हमारी युवा प्रतिभा के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय योग्यता का प्रमाण है। यहां मिला हर पदक हमारी स्किलिंग स्ट्रेंथ का प्रतीक है।”
उन्होंने कहा कि कौशल केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि देश की प्रगति का मूल आधार हैं।
प्रशिक्षण और चयन प्रक्रिया
प्रतिभागी इंडिया स्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2024 के जरिए चुने गए थे। इन्हें कई महीनों तक वैश्विक विशेषज्ञों, सेक्टर स्किल काउंसिल, टेक्निकल पार्टनर्स और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण दिया गया।
WSAC 2025 के बारे में
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तीसरा संस्करण
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29 देशों के 500+ युवा प्रतिभागी
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44 कौशल श्रेणियाँ
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एशिया के सबसे बड़े कौशल मंचों में से एक
प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों को नवाचार, उभरती तकनीकों, क्रॉस-देश सहयोग और शिक्षा-पर्यटन के अद्भुत अवसर प्रदान किए।
भारत का बढ़ता दबदबा
भारत का यह शानदार प्रदर्शन भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं- विशेषकर WorldSkills 2026 के लिए सकारात्मक दिशा निर्धारित करता है।
यह उपलब्धि भारत की उभरती स्किल्ड टैलेंट पाइपलाइन, मज़बूत ट्रेनिंग इकोसिस्टम और युवाओं की वैश्विक आकांक्षाओं को भी उजागर करती है।